बिहार में अघोषित lockdown

 

क्या बिहार में नीतीश सरकार लगाएगी लॉकडाउन?
आखिर क्यों किया गया है सभी धार्मिक स्थलों को दोबारा बंद ?

अब तक की सबसे बड़ी खबर यह सामने आ रही है कि बढ़ते हुए कोरोनावायरस हुए नीतीश सरकार ने अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की और इस बैठक में कई सारे फैसले लिए। आइए जानते हैं बिहार सरकार द्वारा जारी कोरोना की नई गाइडलाइन क्या-क्या है?

बिहार में कोरोना के बढ़ते हुए मामले को देखकर बिहार सरकार ने स्कूल और कॉलेजों को 1 सप्ताह और बंद रखने का फैसला किया है इसका मतलब है कि सभी शिक्षण संस्थान अब 18 अप्रैल तक बंद रहेंगे। लेकिन जो पहले से निर्धारित परीक्षाएं है उन पर रोक नहीं लगी है। परीक्षाएं अपने निर्धारित समय पर होंगी लेकिन उन सभी परीक्षाओं में कोरोना के गाइडलाइंस का पालन करना होगा।

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30 अप्रैल तक बिहार के सभी दुकान शाम 7:00 बजे तक ही खुले रहेंगे। सभी दुकानों में कोविड-19 के गाइडलाइंस को पूरा करना होगा।

सभी प्रकार के रेस्टोरेंट होटल और भोजनालय शाम 7:00 बजे तक ही खोली जाएगी और उसमें भी सिर्फ 25% लोगों को ही बिठाना होगा लेकिन होम डिलीवरी पर रोक नहीं रहेगी।

30 अप्रैल तक सभी तरह के निजी और सरकारी कार्यक्रमों पर रोक रहेगी।
सभी धार्मिक स्थल 30 अप्रैल तक पूरी तरह बंद रहेंगे।

सभी सरकारी दफ्तरों में अधिकारी हर रोज आएंगे लेकिन कर्मचारी एक तिहाई की संख्या में ही आएंगे। प्राइवेट कंपनियों और संस्थानों में भी 33% कामगार ही आएंगे।

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अंतिम संस्कार में 50 लोगों के शामिल होने की मंजूरी होगी वही शादी और श्राद्ध में 200 लोग शामिल हो सकते हैं।

सिनेमाघरों को खोले रखने की इजाजत होगी लेकिन वहां सिर्फ़ 50 फ़ीसदी सीटों पर ही दर्शकों को टिकट दिया जाएगा।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सिर्फ 50% सवारी ही चलेंगे। पाक खुले रहेंगे लेकिन उनमें कोविड-19 इसका हर हाल में पालन करना होगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि फिलहाल राज्य में आंशिक लॉकडाउन लगाया गया है सरकार स्थिति की समीक्षा कर रही है स्थिति अगर संभल गई तो ठीक नहीं तो नाइट कर्फ्यू का भी फैसला किया जा सकता है सरकार हर रोज स्थिति पर नजर बनाए रखेगी।