किसान सम्मान निधि की छठी किस्त जारी, जाने महत्वपूर्ण जानकारी।

The Bihar Today News
The Bihar Today News
4 Min Read

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 17 सौ करोड रुपए की राशि की छठी किस्त जारी की। यह किस्त किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई।लगभग 8:30 करोड़ किसान परिवारों के खातों में ₹2000 की छठी किस्त जमा की गई है।

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने 100000 करोड रुपए की एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत वित्तपोषण सुविधा की एक नई योजना प्रारंभ की।
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड ब्याज माफी तथा लॉन्ग एंटी के जरिए फसल के प्रबंधन इंफ्रास्ट्रक्चर और एग्रीकल्चर के अन्य परिसंपत्तियों के लिए परियोजनाओं में निवेश के लिए एक दीर्घकालिक कर्ज वित्तपोषण सुविधा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जो एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लॉन्च किया गया है इससे किसान अपने स्तर पर गांव में भंडारण की आधुनिक सुविधा बना पाएंगे इस योजना से गांव में किसानों के समूह को किसान समितियों को एफपीएच को वेयरहाउस बनाने के लिए कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग लगाने के लिए ₹100000 की मदद मिलेगी यह जो धन किसानों को धीमी बनाने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा इस पर 3% ब्याज की छूट भी मिलेगी थोड़ी देर पहले ही ऐसे कुछ किसान संघ से मेरी चर्चा हुई जो सालों से इस किसानों की मदद कर रहे हैं इस नए फंड से देश भर में ऐसे संगठनों को बहुत मदद मिलेगी
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों से कहा कि
एक देश एक 6मंडी के जिस मिशन को लेकर बीते 7 साल से काम चल रहा था वह पूरा हो रहा है पहले नेम के जरिए एक टेक्नोलॉजी आधारित एक बड़ी व्यवस्था बनाई गई अब कानून बनाकर किसान को मंडी के दायरे से और मंडी टैक्स के दायरे से मुक्त कर दिया गया।”
उन्होंने कहा कि सरकार ने सुनिश्चित किया  है कि किसान की उपज की रिकॉर्ड खरीद हो जिससे पिछली बार की तुलना में करीब ₹27000 ज्यादा किसानों की जेब में पहुंचा है।
उन्होंने अपने अभिभाषण में यह भी बताया कि 2 दिन पहले देश के छोटे किसानों से जुड़ी एक बहुत बड़ी योजना की शुरुआत की गई है इसका आने वाले समय में सभी किसानों को बहुत लाभ होगा देश की पहली किसान रेलगाड़ी बिहार और महाराष्ट्र के बीच में शुरू हो चुकी है, इससे किसानों को अपने फल सब्जियों एवं मांस मछली आदि के  परिवहन की समस्या दूर होगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र में जितनी भी योजनाएं हो रही है जितने भी सुधार हॉट हैं उन सबका लक्ष्य देश के छोटे से छोटे किसानों तक इसका लाभ पहुंचाना है। यही छोटा किसान है जिसे सबसे ज्यादा परेशानी होती है और यही छोटा किसान है जिस तक सरकारी लाभ भी पूरी तरह नहीं पहुंच पाते थे बीते 607 सालों में इतने छोटे किसानों की स्थिति को बदलने का प्रयास चल रहा है छोटे किसान को देश की कृषि के सशक्तिकरण से भी जोड़ा जा रहा है और वह खुद भी आत्मनिर्भर हो यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

Share this Article